हमें अपने आहार में शुद्वता रखनी चाहिए..... संत चिन्मयानंद बापू जी महाराज रायपुर. विश्व कल्याण मिशन ट्रस्ट शाखा रायपुर द्वारा अवधपुरी मैदान, गुढ़ियारी में सुविख्यात पूज्य संत श्री चिन्मयानंद बापू जी महाराज श्री के श्रीमुख से श्रीमद् भागवत कथा के तृतीय दिवस संध्या 4 बजे महाराजश्री के आगमन के साथ श्रीमद् भगवद् पुराण की आरती की गई. महाराजश्री ने कहा कि जब हम जीवन की अंतिम अवस्था में पहुंचते हैं तब शरीर शिथिल हो जाता है. जगत व्यर्थ और प्रभु की शरण ही सत्य नजर आती है. यही ब्रह्म ज्ञान है. प्रभु का एक भक्त सपने में देखता है कि वह मुसीबत में है तो प्रभु भी साथ चल रहे हैं, राह में पद चिन्ह बनते जा रहे हैं. कुछ दूरी चलने के पश्चात सिर्फ एक के ही पद चिन्ह दिखते हैं. वह प्रभु से कहता है आप मुसीबत के समय मेरा साथ नहीं दिये. तब प्रभु कहते हैं-भक्त जो पद चिन्ह तुझे दिखाई दे रहे हैं वो मेरे हैं, तू तो अचेत था, मैं ही तुझे गोद में उठाकर चल रहा था. प्रभु सत्य हैं और उनकी कथायें भी सत्य हैं. प्रभु की भक्ति निष्काम नहीं होती. अगर प्रभु से कुछ मांगना हो तो स्वयं उन्हें ही मांगें. प्रभु के...