भीम भारत की डिजिटल पेमेंट्स यात्रा स्केल, समावेशन और दीर्घकालिक यूजऱ विश्वास पर केंद्रित
जैसे-जैसे भीम भारत की डिजिटल पेमेंट्स यात्रा को सक्षम करते हुए अपने एक दशक के करीब पहुंच रहा है, यह सहयोग उसके अगले विकास चरण की दिशा में एक रणनीतिक कदम है, जो स्केल, समावेशन और दीर्घकालिक यूजऱ विश्वास पर केंद्रित है। हाल में ही एनपीसीआई भीम सर्विसेज लिमिटेड (एनबीएसएल) ने विश्व कप विजेता और भारतीय क्रिकेट टीम के पूर्व कप्तान महेंद्र सिंह धोनी को भीप पेमेंट ऐप यानी भारत का अपना पेमेंट्स ऐप का ब्रांड एंबेसडर नियुक्त करने की घोषणा की।भीम पेमेंट्स ऐप, नेशनल पेमेंट कॉर्पोरेशन ऑफ इंण्डिया (एनपीसीआई) के मजबूत इंफ्रास्ट्रक्चर पर आधारित सुरक्षित डिजिटल भुगतान उपलब्ध कराता है, जबकि महेंद्र सिंह धोनी अपने शांत स्वभाव, अनुशासन और दबाव में उत्कृष्ट प्रदर्शन के लिए जाने जाते हैं। दोनों ने मजबूत आधार से आगे बढक़र पूरे भारत की सेवा की है—धोनी ने एक छोटे शहर से उठकर राष्ट्रीय नेतृत्व तक का सफर तय किया, जबकि भीम एक अग्रणी पेमेंट्स इंटरफेस से विकसित हो कर पूरे देश में इस्तेमाल किए जानेवाले प्लेटफॉर्म के रूप में उभरा है। इसलिए यह साझेदारी दोनों की पहचान का स्वाभाविक विस्तार है। एं नबीएसएल की एमडी और सीईओ ललिता नटराज के अनुसार - भारत में डिजिटल भुगतान तेजी से बढ़ रहे हैं और अब विकास का अगला चरण यूजऱ की पसंद को मजबूत करने और उनके विश्वास को और गहरा करने पर केंद्रित है। एमएस धोनी को हमारे ब्रांड एंबेसडर के रूप में शामिल करने का उद्देश्य भीम पेमेंट्स ऐप को सिर्फ एक पेमेंट्स विकल्प नहीं, बल्कि हर भारतीय परिवार के प्रत्येक सदस्य के लिए पसंदीदा ऐप के रूप में स्थापित करना है। जैसे-जैसे भीम अपने अगले विकास चरण में प्रवेश कर रहा है, विश्वास हमारे हर कदम के केंद्र में है। धोनी उसी विश्वास का प्रतिनिधित्व करते हैं, जो समय के साथ बना है। इसलिए यह साझेदारी स्वाभाविक लगती है।भारत का अपना पेमेंट्स ऐप के रूप में पुन:स्थापित होने के बाद, भीम ने टियर-1, टियर-2 और टियर-3 शहरों में अपनी उपस्थिति बढ़ाई है, जिसमें पहुंच, भाषा समावेशन और उपयोग में सरलता पर विशेष जोर दिया गया है। ऐप के फीचर्स को समावेशन को ध्यान में रखकर बनाया गया है और यह 15 से अधिक क्षेत्रीय भाषाओं का समर्थन करता है। इसे कम इंटरनेट कनेक्टिविटी वाले वातावरण में भी बेहतर तरीके से काम करने के लिए ऑप्टिमाइज़ किया गया है, जिससे ग्रामीण और अर्ध-शहरी क्षेत्रों में डिजिटल भुगतान अपनाने को बढ़ावा मिल सके। साथ ही, रिवॉर्ड-आधारित अपनाने और मर्चेंट साझेदारियों के माध्यम से नए और मौजूदा यूजऱ सेगमेंट्स में प्लेटफॉर्म की पकड़ मजबूत की जा रही है।

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