मध्यप्रदेश विधानसभा, भोपाल में युवा विधायक सम्मेलन का सफल समापन
मध्य प्रदेश विधानसभा में 30 एवं 31 मार्च को आयोजित दो दिवसीय युवा विधायक सम्मेलन का सफलतापूर्वक समापन हुआ। सम्मेलन के समापन सत्र में हरिवंश, माननीय उपसभापति , मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे।
इस महत्वपूर्ण सम्मेलन में छत्तीसगढ़ से मंत्री खुशवंत सिंह सहित सदस्यगण—श्रीमती उत्तरी गणपत जांगड़े, श्रीमती भावना वोहरा, श्रीमती चातुरी नंद, श्रीमती हर्षिता स्वामी बघेल, श्रीमती कविता प्राण लहरे, बालेश्वर साहू, दीपेश साहू, ओंकार साहू, संदीप साहू, श्रीमती विद्यावती सिदार एवं सचिव छत्तीसगढ़ विधानसभा दिनेश शर्मा ने सहभागिता की। सम्मेलन में “लोकतंत्र में नागरिकों की भागीदारी को सुदृढ़ करने में युवा विधायकों की भूमिका” तथा “विकसित भारत 2047 – युवा विधायकों के दायित्व एवं चुनौतियां” जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर राजस्थान, मध्य प्रदेश एवं छत्तीसगढ़ के 45 वर्ष से कम आयु के युवा विधायकों ने अपने विचार व्यक्त किए। सम्मेलन के समापन दिवस के अवसर पर युवा विधायकों ने लोकतांत्रिक मूल्यों को सुदृढ़ करने हेतु 5 महत्वपूर्ण संकल्पों पर प्रतिबद्धता पूर्वक शपथ ली । लोकतंत्र में सक्रिय भागीदारी का संकल्प
युवा विधायकों ने नागरिकों की सक्रिय भागीदारी को लोकतंत्र की आधारशिला मानते हुए मजबूत एवं समावेशी लोकतंत्र के निर्माण में अपनी प्रभावी भूमिका निभाने का संकल्प लिया। जन-समस्याओं के समाधान एवं पारदर्शिता का संकल्प समाज की नई ऊर्जा एवं नवाचार के साथ नागरिकों और शासन के बीच सेतु बनकर जनसमस्याओं को विधानसभाओं तक पहुँचाने तथा पारदर्शी, जवाबदेह एवं जनहितकारी नीतियों के निर्माण में सक्रिय भूमिका निभाने पर बल दिया गया।
जनजागरूकता एवं समावेशी विकास का संकल्प
नागरिकों को जागरूक एवं सशक्त बनाने, तकनीक एवं नवाचार के उपयोग से शासन को अधिक प्रभावी बनाने तथा शिक्षा, कृषि, स्वास्थ्य, खेल, रोजगार एवं पर्यावरण जैसे क्षेत्रों में दीर्घकालिक नीतियों को बढ़ावा देने का संकल्प लिया गया, जिससे युवाओं, महिलाओं एवं वंचित वर्गों की आवाज को सशक्त किया जा सके।
. नैतिकता एवं प्रतिबद्धता का संकल्प राजनीतिक दबाव, संसाधनों की कमी एवं सामाजिक असमानताओं के बावजूद ईमानदारी, प्रतिबद्धता एवं दूरदर्शिता के साथ कार्य करते हुए लोकतांत्रिक परंपराओं और मूल्यों को और अधिक सुदृढ़ करने का संकल्प व्यक्त किया गया। जागरूक नागरिकता एवं विकसित भारत 2047 का संकल्प स्वयं जागरूक नागरिक बनने, विधायी प्रक्रियाओं में प्रभावी भागीदारी सुनिश्चित करने, शोध एवं अनुसंधान को बढ़ावा देने तथा लोकतांत्रिक प्रक्रियाओं में सक्रिय सहभागिता के माध्यम से देश को विकसित भारत 2047 के लक्ष्य की दिशा में अग्रसर करने का संकल्प लिया गया।
यह सम्मेलन युवा जनप्रतिनिधियों के लिए एक महत्वपूर्ण मंच सिद्ध हुआ, जहाँ विचारों के आदान-प्रदान के साथ-साथ लोकतंत्र को और अधिक सशक्त एवं सहभागी बनाने की दिशा में ठोस प्रतिबद्धताएँ सामने आईं।

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